ke shyam tera shukaraana

जब विपदा की बदरी थी छाई
तूने मोरछड़ी अपनी लहराई
हर मुसीबत से मुझको बचाया
के श्याम तेरा शुक्राना
तूने रट हुए को हंसाया
के श्याम तेरा शुक्राना

जबसे तूने सांवरिया पकड़ा ये हाथ है
काँटों वाली राहों में फूलों की बरसात है
तूने इतना किया है एहसान तेरे प्रेमियों में मिली पहचान
मेरे सूखे चमन को खिलाया
के श्याम तेरा शुक्राना

मेरे संग है दुखों ने मुख मोड़ा
मेरे हर भरम को तो तूने ही तोडा
मेरी साँसों की सरगम में श्याम
मेरे होंठों पे तेरा ही नाम
तूने मुझको है अपना बनाया
के श्याम तेरा शुक्राना

तूफानों में अब ना डोले मेरी नैया
पार तू लगता है बनकर खिवैय्या
ये चोखानी तेरा ही गुलाम बाबा गौतम की थामो लगाम
तूने इतना जो प्यार बरसाया
के श्याम तेरा शुक्राना

Leave a Comment