पर्वत पर प्यारा लागो जी कमलेश्वर भोला नाथ,
कमलेश्वर भोला नाथ रे तिलस्वां का भोला नाथ ॥

शरणे पड्या की विनती म्हारा त्रिलोकी का नाथ,
में पैदल पैदल आऊं रे कमलेश्वर भोला नाथ ॥
पर्वत……

निर्मल कुण्ड का नीर में नहाया सु मिट जावे रोग,
म्हारी कंचन काया हो जावे कमलेश्वर भोला नाथ ॥
पर्वत…

कारज सारो दास को में झालो देतो आऊं,
कमलेश्वर भोला नाथ मैं तो दर्शन थांका पाऊँ ॥
पर्वत…..

चम्पा लाल की विनती यो चरणां शीश नमावे,
कमलेश्वर भोला नाथ म्हारो बेड़ो पार लगावे ॥
पर्वत……

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