कमइले हीरा चाहे मोती कफ़न में जेब नहीं होती,

चाहे तू पी फिरिज को पानी, चाहे तू पी ले नल को पानी
प्यास सब एक सी होती, कमइले हीरा चाहे मोती ॥

चाहे तू खाये ले घी की रोटी, चाहे तू खाये ले सुखी रोटी
भूख सब एक सी होती , कमइले हीरा चाहे मोती ॥

चाहे तू सो जा डबल बेड पर, चाहे तू सो जा टूटी खाट पर
नींद सब एक सी होती , कमइले हीरा चाहे मोती ॥

कमइले हीरा चाहे मोती कफ़न में जेब नहीं होती ॥

भजन