kaisa pyara ye darbar hai yaha bhgto ki barmaar hai

कैसा प्यारा ये दरबार है,
यहाँ भगतो की बरमार है,
सबके मालिक ये सरकार है,
जिनकी दुनिया को दरकार है,
कैसा प्यारा ये दरबार है,

तेरे दरबार में सबको हर सुख मिले,
तेरी किरपा से ही श्याम जीवन चले,
ऐसी दानी है दातार है,
सब भर देते भंडार है,
सबके मालिक ये सरकार है,
जिनकी दुनिया को दरकार है,
कैसा प्यारा ये दरबार है,

श्याम साथी हो तो काम अटके नहीं,
और मजधार में कभी भटके नहीं,
अपने भगतो पे करने दया रहते हर दम ये त्यार है,
सबके मालिक ये सरकार है,
जिनकी दुनिया को दरकार है,
कैसा प्यारा ये दरबार है,

जो भी आये यहाँ सच्चे विश्वाश से खाली लौटे नहीं दानी के पास से,
ॐ चरणों में संसार है,
यहाँ अमृत की बोशार है
सबके मालिक ये सरकार है,
जिनकी दुनिया को दरकार है,
कैसा प्यारा ये दरबार है,

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