जोगियाँ जोगियाँ

रोम रोम में तू ही वसा है सांसो में खुश्बू तेरी,
तू ही मेरा अल्ल्हा साई तू ही मेरी बंदगी,
इश्क़ हो गया तेरे नाल ओ जोगियाँ,
जोगियाँ जोगियाँ …

तेरे कारण जग ये छोड़ा तुझसे नाता जोड़ लिया,
क्या होगा अब मेरा बाबा जो तूने नाता तोड़ लिया,
इश्क़ हो गया तेरे नाल ओ जोगियाँ,
जोगियाँ जोगियाँ…

साई नाम का पिया है प्याला मैं तो हो गया रे मत वाला,
साई नाम की धुन है ऐसी साई नाम की जपु मैं माला,
इश्क़ हो गया तेरे नाल ओ जोगियाँ,
जोगियाँ जोगियाँ…

साई अजब है फ़कीर नराला,
इस में काबा इस में शिवाला,
हिन्दू मुस्लिम सब की माने इस ने पल में किया उजाला,
इश्क़ हो गया तेरे नाल ओ जोगियाँ,
जोगियाँ जोगियाँ…

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