जो मेरे श्याम की नगरी आओगे,
नहीं पछताओगे नहीं पछताओगे,
खाटू वाली गलियां न भूल पाउगये,
करो गे जी याद इसे पास पाओगे,
बाबा श्याम से प्रेम बढ़ाओ गे,
नहीं पछताओगे नहीं पछताओगे,

खाटू की कण कण में श्याम मिलेगा,
श्याम प्रेमी सा परिवार मिलेगा,
प्रेम मिले ऐसा यहाँ कहा पाओगे,
सँवारे सा सेठ ढूंढ नहीं पाओगे,
जग में धूम के नहीं कोई पाओगे,
नहीं पछताओगे नहीं पछताओगे,

श्याम से नज़रे मिलने लगोगे,
खाटू जी की गलियों में आने लगोगे,
सकूं मिलेगा आराम मिलेगा श्याम मिलेगा आठो याम मिलेगा,
करने जो और काम बुलजाओगे,
श्याम की सूरत में खो जाओगे,
श्याम मनाओगे श्याम रेजाओ गे,
नहीं पछताओगे नहीं पछताओगे,

सँवारे की प्रीत में जो बांध जाओ गे,
श्याम श्याम नाम हर रोज गाओ गे,
मन में ख़ुशी मिले तुम्हे जब भी आओ गे,
तुलसी शरण श्याम की न भूल पाओगे,
मौज मनाओ गे प्यार वो पाओगे,
नहीं पछताओगे नहीं पछताओगे,

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