jaag ratno ni jogi ghar tere aaye ne

पौनाहारी आये दूधाधारी आये,
कलाधारी आये बरह्मचारी आये

जाग रत्नों नि जोगी घर तेरे आये ने,
तेरे बूहे उते आ के अलख जगाये ने,
जाग रत्नों नि जोगी घर तेरे आये ने,

सोहना जेहा रूप जोगी लगे बागा साल दा,
वेखेया नि जग उते जोगी एहदे नाल दा,
सर ते जतावा मथे तिलक सजाये ने ,
जाग रत्नों नि जोगी घर तेरे आये ने,

छेती बहा खोल जोगी जावे किते मुड ना,
एहो जेहा वेला तेनु फेर नहियो जुड़ना,
तेरे नाल मेल सचे रब ने कराए ने,
जाग रत्नों नि जोगी घर तेरे आये ने,

वाजा तेनु मारे जाग रतनो लुहारिये,
रब खड़ा बूहे तेनु निंदर प्यारी ऐ,
जग दियां रोनका खुशियाँ नु नाल ल्याये ने,
जाग रत्नों नि जोगी घर तेरे आये ने,

बख्शी आवाज ओहदे कना विच पई ऐ,
अखा वाली नींद ओहदी सारी उड़ गई ऐ,
दुःख सारे भूले जदों दर्शन पाये ने
जाग रत्नों नि जोगी घर तेरे आये ने,

जोगी आ नि गया फेरा पा नि गया,
सब संगता दे भाग जगा नि गया,
ओ माता रतनो दे भाग जगा नी गया

बाबा बालक नाथ भजन

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