अहिँसा परमोधर्म: अहिँसा परमोधर्म:
अहिँसा परमोधर्म: अहिँसा परमोधर्म:

इस जैन धरम में जिनागम
और संतो का समागम

हमे पल-पल पल-पल धर्म की याद दिलावे है
हम भटके ना जीवन मे, मार्ग दिखावे है
इस जैन धरम में जिनागम
और संतो का समागम

जैन धर्म में ही तो तत्व ज्ञान मिलता है
कैसे रुके है हिंसा वो विज्ञान मिलता है
तू जैन धर्म में आया, शुभ कर्मों से ये पाया

हमे पल-पल पल-पल धर्म की याद दिलावे है
हम भटके न जीवन मे, मार्ग दिखावे है
इस जैन धरम में जिनागम
और संतो का समागम

लेकरके मुनि दीक्षा जो संत बनते है
वे ही तो आने वाले अरिहंत बनते है
लेके जैनेश्वरी दीक्षा, हमे देते धर्म की शिक्षा

हमे पल-पल पल-पल धर्म की याद दिलावे है
हम भटके न जीवन मे, मार्ग दिखावे है
इस जैन धरम में जिनागम
और संतो का समागम

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