इस दुनियां मे रहकर,बेशक तु सब कुछ कर,
पर पाप कर्म ना कर,उस परमेश्वर से डर,

तु पाप कमाएगा,पापी बन जाएगा,
पङे नरक की कुण्ड,रो कर पछताएगा,
जीवन नैया एक दिन,डूबेगी बीच भंवर

सेवक बन सतगुरू का,तज दे तु बुराई को,
हरी नाम सुमिरले तु,कर नेक कमाई को,
जीवन को महान बना,कि दुनियां झुकाए सर

जैसा जो कर्म करे,वैसा ही मिलेगा फल,
जरा सोच ले तु मन मे,मिले आज नही तो कल,
जनम लिया जग मे,जाएगा एक दिन मर

कहे सदानन्द स्वामी,प्रभु अर्ज सुणै मेरी,
भव पार करो नैया,अब मत कर ना देरी,
आए जो शरण तेरी,हो गये वो जग मे अमर

विष्णु भजन