इक मेरा श्याम अपना सारी दुनिया बेगानी है
दुनियावाले क्या जाने यह ता रीत पुरानी है

आँखा विचो आयी लाली लोकि केन्दे इलाज करा
मैं ता केन्दी रेहन देआ मेरे श्याम दी निशानी है इक……

दिल मेरा होया जख्मी लोकि केन्दे इलाज करा
मैं ता केन्दी रेहन देआ मेरे श्याम दा बसेरा है इक……

कोठे उत्ते काह बोले लोकि केन्दे उड़ा देना
मैं ता केन्दी रेहन देआ मेरे श्याम जी ने आना है इक…..

इक वारि आजा श्यामा मेरा मेहमान बनके
मैं ता तन मन वार देआ मैं तो श्याम की दीवानी हूँ इक….

कृष्ण भजन