ये जग दुनिया वाले हमे पागल कहते है,
हम अपने सँवारे की मस्ती में रहते है,

दीवानो की दुनिया का आलहम ही निराला है,
खुशियों में तो रोते है मुश्किल में हस्ते है,
हम अपने सँवारे की मस्ती में रहते है,

कोई धन का पागल है कोई तन का पागल है,
हम पागल सांवर के बड़ी शान से कहते है,
हम अपने सँवारे की मस्ती में रहते है,

मिल जाए कोई प्रेमी न हेलो न हाये
हम हर इक प्रेम को राधे राधे कहते है,
हम अपने सँवारे की मस्ती में रहते है,

गली गली जाके कनु भजन सुनाता है,
सब नच नच सांवर के जय कारे कहते है,
हम अपने सँवारे की मस्ती में रहते है,

कृष्ण भजन

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