haye mera dil lut lut jaaye

हाय मेरा दिल लूट लूट जाए
ओ राधा तेरी चुनरी जब लहराए
मन मेरा व्याकुल चैन ना पावे
कान्हा तू मुरलिया जब जब बजावे

सखियों से अपने वो करके बहाना
यमुना किनारे मो से मिलने को आना
होश मोहे खुद का रह नहीं पावे
राधा तू पायलिया जब छनकाये

जाने चलाया तूने कैसा ये जादू
अपने पे रहता है ना मोहे काबू
हिचकी जो आवे तेरी याद सातवे
प्रेम तेरा ये मोहे खींच के लावे

कान्हा अधूरा तुझ बिन राधा रानी
तू है दीवाना मैं हूँ तेरी दीवानी
एक दूजे में दोनों नज़र आवे
कुंदन शुभि ये सारे जग को बतावे

कृष्ण भजन

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