है खिलौना जिंदगी को रब निभाता जाएगा,
हाथ में चाभी लिये साई धूमाता जाएगा,
है खिलौना जिंदगी को रब निभाता जाएगा,

आग के कुकड़े को दी तोफे में ज़िंदगी,
इस लिये एहसान करता आज रब की बंदगी,
सूरज का सागर बहा पंथ खिलता जाए गा.
है खिलौना जिंदगी को रब निभाता जाएगा,

स्वर्ग के सपने यहाँ आसान नहीं है देखने,
दर्द हर इंसान का इंसान ही आकर सुने,
साई सु कर्मो के बिना तुझको भुलाता जाएगा,
है खिलौना जिंदगी को रब निभाता जाएगा,

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