घूंघटो लाम्बो लाम्बो श्याम उठायो नही जाये,
थाणे देखा पाछे तो ये गिराया नही जाये,
घूंघटो लाम्बो लाम्बो……..

श्याम थारे नाम की मैं मेहँदी रचाई,
म्हारे यो तो शर्म से बताया नही जाये,
घूंघटो लाम्बो लाम्बो……

श्याम थाणे हिवडे माहि वसायो,
थाणे चीर के यो कालजो दिखायो नही जाये,
घूंघटो लाम्बो लाम्बो…….

घूंघटो थारे नाम को यो गिलो होई जावे,
माहरी आख्या से यो असुंडा गिरायो नही जाये,
घूंघटो लाम्बो लाम्बो…….

श्याम मेरो साथी तू जन्म जन्म को,
थारे कागज पर वनवारी यो लिखायो नही जाये,
घूंघटो लाम्बो लाम्बो……

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