ek bharosa shyam ka ek sahra shyam ka

एक भरोसा श्याम का,एक सहारा श्याम का,
मतलब का बेदर्द ज़माना अब मेरे किस काम का,
एक भरोसा श्याम का…….

ये चाहे गंभीर हवाओ को खुशियों में बदल दे,
जे फल देना चाहे तो आज दे चाहे कल दे,
कर्मो का फल मिले गा सब को रावण हो या राम का,
एक भरोसा श्याम का…..

इसके दम पर चाँद सितारे छुपते और निकलते है,
इंसान के हालत घड़ी और पल पल रंग बदल ते है,
पल की चिंता छोड़ किये जा भजन प्रभु के नाम का,
एक भरोसा श्याम का……..

जो करते दुनिया पे भरोसा वो चिंता में होते है,
जो करते बाबा पे भरोसा चैन की नींद सोते है,
संजू पहरे दार कन्हियाँ उनके सुबहो शाम का,
एक भरोसा श्याम का……..

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