दीवाना मचल रहा रे,मस्ताना मचल रहा रे,

देखि दीवाने ने सवाली सूरत,
इस दुनिया की रही न जरूरत,
तेरे दर पे उछल रहा रे……

उस दीवाने ने सुन ली मुरलिया,
उस मुरलियाँ ने मीठा जो सुर लिया,
अब ना वो सम्बल रहा रे अब न वो सम्बल रहा,
दीवाना मचल रहा रे…

उस दीवाने ने रास जो देखा,
रह रह कर के वो करता परेशान,
तेरी विरहा में जल रहा रे,
तेरी विरहा में जल रहा,
दीवाना मचल रहा रे…

दीवाने ने जुगल जोड़ देखि,
कैसे मिले किस्मत में न लेखी,
वो तो तेरा पागल रहा रे,
दीवाना मचल रहा रे

दीवाना मचल रहा रे

Leave a Reply