गजानंद का नाम ले शुरू करे जो काम,
संकट कोई ना पड़े सदा मिले आराम,
सत्संग मेरे आओजी गौरी पुत्र गणेश,
प्रथम निमंत्रण आपको ब्रम्हा विष्णु महेश ॥

देवा हो देवा गणपती देवा तुमसे बढ़कर कौन ।
और तुम्हारे भक्तजनों में हमसे बढ़कर कौन ॥

अदभुत रूप ये काया भारी,महिमा बड़ी है दर्शन की,
बिन मांगे पूरी हो जाये,जो भी इच्छा हो मन की ।
गणपती बप्पा मोरिया,मंगलमूर्ति मोरिया…
देवा हो देवा ॥

छोटी सी आशा लाया हूँ,छोटे से मन में दाता,
मांगने सब आते हैं,पहले सच्चा भक्त ही है पाता ।
गणपती बप्पा मोरिया,मंगलमूर्ति मोरिया…
देवा हो देवा ॥

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