dekho maharo shyam kaiya jach rahiyo hai

देखो म्हारो श्याम कइयां जच रहयो है,
सिंगशान पे बैठो बैठो हस रहियो है,

सँवारे सलोनी छवि भोलो भालो मुखडो,
प्रेम से निहार लवे मिट जावे दुखडो,
आख्या से अमृत बरस रहे है,
सिंगशान पे बैठो बैठो हस रहियो है,

तीखा तीखा नैना से जादू यु चलावे.
अपनों बनावे पीने कदे न भुलावे,
प्रेमिया की प्रेम डोर कस रहे है,
सिंगशान पे बैठो बैठो हस रहियो है,

श्याम जैसो दुनिया में दूजो नहीं और है,
ये तो यु चाहना माहरा श्याम चित चोर है,
बिन्नू कवे जीव माहरो फस रहो है,
सिंगशान पे बैठो बैठो हस रहियो है,

खाटू श्याम भजन