daadi ki kirpa us par thodi si khaas hai

दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है,
जिसका मेरी दादी पर अटल विश्वाश है,
दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है,

सच्ची श्रद्धा निश्च्ता से जिस ने दादी को धाया,
उसने फिर हर कदम पर माँ को है साथ पाया,
हर घडी हर पल दादी उस के आस पास है,
दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है,

रहे निष्काम जो भी सेवा जो करता जाए,
जीवन की हर ख़ुशी वो दादी से पाता जाए,
अपनी दादी से जिसकी बंधी हर आस है,
दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है,

सुनील कहना उज्वल का लगन ऐसी लगाना
लक्ष्य हो अंत समय में दादी चरणों में ठिकाना,
भरोसा जिनका अटल है होवे न निराश है,
दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है,

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