chokath pe aake jo bhi sir ko jhukaye re khali jholi pal me dekho kaise bhar jaye re

चौकठ पे आके जो भी सिर जो झुकाये रे,
ख़ाली झोली पल में देखो कैसे भर जाये रे,
चोखट पे आके जो भी….

दीदार आप का आज भी होता है,
पल में हसा देते हो जब भी कोई रोता है,
अर्जी लगाने वाला दिल से लगाये रे,
ख़ाली झोली पल में देखो कैसे भर जाये रे,
चोखट पे आके जो भी….

नजरे कर्म जिसपर आप का हो जाता है,
छोड़ के वो सारी दुनिया आप का हो जाता है,
चरणों में आके जरा ध्यान लगाये रे,
ख़ाली झोली पल में देखो कैसे भर जाये रे,
चोखट पे आके जो भी….

दर पे मैं तेरे सइयां आस लेके आया हु,
मुझ पे भी रेहमत करदो आप का ही जाया हु,
इक बार आता जो बार बार आये रे,
ख़ाली झोली पल में देखो कैसे भर जाये रे,
चोखट पे आके जो भी….

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