chet da mahina aa giya

संगतों भगतो जी चेत दा महीना आ गया,
सोहना चेत महीना आया,
भगता नु है चा चड़ आया,
जी चेत महीना आ गया,
हो संतो भगतो जी चेत दा महीना आ गया,

खीच तयारी भगता ने एक सोहना झंडा बनाया,
ज्योत जगा के धुफ़ धुखा के भगता ने धुना लाया,
ओथे दर्श बाबे ने दिखाया,
जी चेत दा महीना आ गया;……

चुक के झंडा फड के कुंद्नु संगता चाला पइयां,
लाउन जयकारे गावन भेटा भगता चा चड आया,
शाह तलाइया जा के भगता ने डेरा लाया,
जी चेत दा महीना आ गया ……….

घर रतनो दे शाहतालियाँ चोंकी जद लगाई,
ला के धुना चरण गंगा ते उथे अलख जगाई,
एथो रल भगता ने इकठे हो के जाना,
जी चेत दा महीना आ गया

हाथ च झंडा ते रोट बना के धुर गुफा ते जाना ,
भोग लगा के आरती करके दर्श जोगी दा पाउना,
सच्चा दर जोगी दा मुहो मंगियाँ मुरादा पा लो,
जी चेत दा महीना आ गया …..

Leave a Comment