charno me tere mila jo thiakana

चरणों में तेरे मिला जो ठिकाना,
प्यासी को मानो कोई सावन मिला है,

मैंने जो चाहा जीवन में पाया,
संग मेरे रहता सँवारे का साया ,
शिकवा किसी से है न कोई गिला है,
चरणों में तेरे मिला जो ठिकाना,

मंजिल का मेरे पता कुछ नहीं था,
अन्देरो में यु ही भटका किया था,
तेरे प्यार का दिल में दीपक जला है,
चरणों में तेरे मिला जो ठिकाना,

नींदो में अब तू सपनो में तु है,
सांसो की लेह में धड़कन में तू है,
तेरी बंदगी का ऐसा जादू चला है,
चरणों में तेरे मिला जो ठिकाना,

इतना किया है तू इतना भी करदे,
सिवा का मुझको मेरे श्याम वर दे,
मन का मोती ये हर्ष तुम्ही से खिला है,
चरणों में तेरे मिला जो ठिकाना,

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