आओ सब भोले को मनाइये,
सच्चे मन से जोत जगाइए,
मन में अपने वसाइये जी,
भोले को जल चडाने से पहले ॐ की धुनी रमाइये जी,

सब ग्रंथो का सार तुम्ही हो निरंजन निराकार तुम्ही हो,
तेरा कोई पार ना पाया,धरती से अम्बर तक तेरी माया,
अमृत रस बरसाइये जी,
भोले को जल चडाने से पहले ॐ की धुनी रमाइये जी,

गोरा तेरे चरणों की दासी भोले के दर्शन की प्यासी,
जन्मो से गोरा ध्यान लगाये कर के तपस्या शंकर को पाए,
सब गोरी शंकर थिआइये जी,
भोले को जल चडाने से पहले ॐ की धुनी रमाइये जी,

भोला मेरा डमरू वाला गले में पहने सरपो की माला,
जटा में अपने गंगा बिठा के त्रिशूल हाथ में,
चन्दा सजा के भोले का दर्शन पाइए जी,
भोले को जल चडाने से पहले ॐ की धुनी रमाइये जी,

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