मैं दवार तेरे आया हु फर्याद मैं एक लाया हु,
भरदे झोली अब भगवन भरदे झोली भगवन,
मैं दवार तेरे आया हु फर्याद मैं एक लाया हु,

करुणा के सागर तुम हो भगवन तेरे चरणों में अर्पण ये जीवन,
फरयादी बन के मैं आया मेरी निर्मल करो काया,
मैंने बाँधी तुमसे डोरी,
भरदे झोली भगवन

कबसे खड़ा हु द्वार तिहारे,
मेरे प्रभु मेरी बिगड़ी बना दे,
दुःख दर्द सभी के मिटा दे,
हमे अपना दर्श दिखा दे लाज रखियो भगवन मोरी,
भरदे झोली भगवन,

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