bethe maa uche singashan kaiyan chundi odawa ji

बैठे माँ ऊंचे सिंगसन कइया चुनड़ी ओडवा जी,
चुनरी ओडन आजा दादी भक्ता बीच भुलावा जी,

समजो तो यो परिवार है थारो,
इतनो तो माँ अधिकार है बहारो,
समजा मावड़ी ने थाने इहि जोर चलावा जी,
चुनरी ओडन आजा दादी भक्ता बीच भुलावा जी,

माँ से मिलने की अमावस है माँ,
बेटे कोई नहीं ध्यावस है माँ,
हिवड़ो धीर न धारे माँ कइयाँ दर्शन पावा जी,
चुनरी ओडन आजा दादी भक्ता बीच भुलावा जी,

टाबरियां को दिल मत तोड़ो आज तो यो सिंगासन छोड़ो,
मैया चाँदी की चौंकी पे थाने आज बिठावा जी,
चुनरी ओडन आजा दादी भक्ता बीच भुलावा जी,

वनवारी चुनड़ी चढ़ जागी और मेहँदी की मेहँदी बन जायेगी,
जब तक सूखे न ये मेहँदी थारा लाड लड़ावा जी,
चुनरी ओडन आजा दादी भक्ता बीच भुलावा जी,

Leave a Comment