किशोरी जी तुम्हारा मुश्काना याद आये,
जब बरसाना याद आये रे बरसाना याद आये,
रह रह के किरपा बरसाना याद आये…..

मेरे ख्यालो में मंदिर तुम्हारा है,
सोने का शृंगासन और शृंगार प्यारा है,
आखियो से जो बरस रही प्रेम की वो धारा है,
प्रेम की उस धारा में नहाना याद आये,
बरसाना याद आये रे बरसाना याद आये

आप की नजर श्यामा जिधर जिधर जाती है,
रस की बोशारे भी उधर बस जाती है,
है करुणा सिहहो की आंखे भर आती है,
बिन मांगे सब कुछ लुटा नया दिलाये,
बरसाना याद आये रे बरसाना याद आये

जय हो बरसाना मेरो बरसाना…..

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