तेरे सीने में बसे रघुराई
बजरंगी तेरा क्या कहना
तूने सोने की लंका जलाई
बजरंगी तेरा क्या कहना

संजीवनी तुम लाये सेवा से,
हनुमत रामा को तुम रिजाये,
प्रभु भक्ती तुमने निभाई,
बजरंगी तेरा क्या कहना…..

अशोक वाटिका जाकर
सीता जी से मिल आये
राम जी की अंगूठी लेके
सिया माँ तक पहुचाये
सिया माँ की दया तूने पायी
बजरंगी तेरा क्या कहना …

मैंने तुझे है पूजा भाये न कोई दुजा
सारे धाम घूम आई हनुमान धारा मन बाई,
तेरी मूरत मन में वसाई
बजरंगी तेरा क्या कहना…

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