असीं सेवक दाती दे ,
भगतो सेवा रहिये करदे,
हूँ जग तो की लेना,
नोकर बन गये माँ दे दर दे,
आसी सेवक दाती दे,
भगतो सेवा रहिये करदे,
असी नोकर दाती दे,
भगतो सेवा रहिये करदे,

माँ दे नाम दी चड़ गई मस्ती,
भूल गई मेनू अपनी हस्ती,
कोई डर न दुनिया दा,
बस इक माँ कोलो ही डरदे
असी सेवक दाती……

अम्बे जगदम्बे शेरावालिये,
मैं तेरी नोकर कमली हो गई आ,
मेनू चरना दे नाल ला ले,
मैं दर ते आन खलो गई आ,
अंबे जगदम्बे शेरावालिये,
मैं तेरी नोकर कमली हो गई आ

कोठियां कारा महल मुनारे,
झोली पा ते माँ ने सारे,
साडी होई तरकी तो,
लोकी वेख वेख ने सड़दे,
असी सेवक दाती ……..

राज कमल नु मिले सहारे,
बिंदर राने वरगे लखा तारे,
बिट्टू आज अरज करे,
माँ सब दियां खाली झोलियाँ भरदे,
असी सेवक दाती ….

Leave a Reply