अमृत वेला जिन्दे नि उठ के,
नाम दी माला फेर,
वाहेगुरु वाहेगुरु जप लै नि तू
सतनाम दी माला फेर,

गुरुद्वारे चलियाँ संगता बरसे अमृतधार, जी,
तू अजे तक पापी बन्देया सुता पैर पसार,

गुरुद्वारे चलियाँ संगता बरसे अमृतधार, जी,
तू अजे तक पापी बन्देया सुता पैर पसार,
जे रब पाउना ता फेर काह्तो लाउंदा ऐ देर,

वाहेगुरु वाहेगुरु जप लै नि तू
सतनाम दी माला फेर,
अमृत वेला जिन्दे नि उठ के,

बिंद मलकीत वे अंतिम वेले किस नही बांह फडणी,
कटी जाऊ चोरासी तेरी लग जा गुरा दे चरनी,

बिंद मलकीत वे अंतिम वेले किस नही बांह फडणी,
कटी जाऊ चोरासी तेरी लग जा गुरा दे चरनी,
आपे कर दयो बन्दियां वे तेरे मासे नु शेर,

वाहेगुरु वाहेगुरु जप लै नि तू
सतनाम दी माला फेर,
अमृत वेला जिन्दे नि उठ के,

Leave a Reply