akhiyan lag gaiyan shyam de naal

अखिया लग गईया श्याम दे नाल
नी मैं हो गई मालो माल

श्याम सलोना मेरी गली तो ना लांगदा
ना जाने केडी गल कोलो संगदा
मेरा जीना होया मोहाल
अखिया…….

यमुना तट पे चीर चुरावे
ग्वाल बाल संग रास रचावे
ओह्दी बंसी करे कमाल
अखिया……..

वृंदावन विच होली खेले
श्याम नाल राधा वी खेले
मेरी चुनर हो गई लाल
अखिया…….

कृष्ण भजन

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