aayo fagun ko mahino aapakhatu chaalaga

आयो फागन को महिनो आपाखाटू चालागा,
ढप ढोल मंजीरा लेकर आपा घुमर गा ला गा,
जय कारो लगा दा आपा मंगल गा वा गा
थारे दरपे आके बाबा निशान चढावांगा ,

होली मनावा केशर रंग लगावां,
मोरछडी से बाबा चंवर डुलावा,
श्याम रंग म रंगांगा मेला म चालांगा ,
ढप ढोल मंजीरा लेकर आपा घुमर गा ला गा,

एक वर्ष घडी पुरी हुई है ,
मनडे री आश म्हारी पुरी हुई है,
होली संग म खेलांगा आपा रास रचवांगा,
ढप ढोल मंजीरा लेकर आपा घुमर गा ला गा,

श्याम धणी म्हारे हिवडे बस्यो है,
हारके आव बिको साथी बण्यो है,
थारो दास सूरेन्दर बोले थाका भजन सुनावांगा,
ढप ढोल मंजीरा लेकर आपा घुमर गा ला गा,

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