आया खाटू में पहली बार बार चरणों से तू लगा ले सँवारे,
मैं मांगू दौलत न बंगला न कार चरणों से तू लगा ले सँवारे,
आया खाटू में पहली बार बार चरणों से तू लगा ले सँवारे,

तेरे दर प्रेमी ध्वजा लेके आते है ,
छपन तरह का भोग भी लगाते है,
मैं तो लेके आया आंसुओं की धार,चरणों से तू लगा ले सँवारे,
आया खाटू में पहली बार बार चरणों से तू लगा ले सँवारे,

मुझे रोक न पुजारी कुज केहन दे,
खाटू वाले दा नजारा मुझे लें दे,
मुझे करना न मंदिर से बाहर,चरणों से तू लगा ले सँवारे,
आया खाटू में पहली बार बार चरणों से तू लगा ले सँवारे,

मैंने कभी भी न तुझको भुलाया है,
सुख दुःख में तो तुझे ही पुकारा है,
ऐसा दिल में वसा है तेरा प्यार,चरणों से तू लगा ले सँवारे,
आया खाटू में पहली बार बार चरणों से तू लगा ले सँवारे,

जो तू सुन के पुकार नहीं आये गा,
तेरा दास तेरे दर से ना जायेगा,
आजा मीतू की सुन के पुकार,चरणों से तू लगा ले सँवारे,
आया खाटू में पहली बार बार चरणों से तू लगा ले सँवारे,

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