aabaash do kuch mujhe paas tum ho na

आभास दो कुछ मुझे पास तुम हो ना,

आंसूवन कहे जुबानी तुझसे मेरी कहानी,
तुझे भी लगे संवारिये आंसू मेरे क्या पानी,
इतना मुझे बताओ मौजदगी जटाओ,
आभास दो कुछ मुझे पास तुम हो ना,

जग से फीरे छुपाते तुझे हाल दिल दिखाते,
राजे सवाल दिल के तुझको पूछते ही जाते,
अरमान बस ये मेरा आये जवाब तेरा,
आभास दो कुछ मुझे पास तुम हो ना,

सुन मेरी श्याम आया आ कर गले लगाया,
तेरे आस पास हु मैं तू ही समज न पाया,
गोलू छुपा नहीं मैं तू देख यही हु मैं
निराश क्यों हो रहा पास मै हु ना,
श्याम का हरदम है सहारा तो क्यों फिरे लाचार भला
हारे का साथी है तुम्हरा होगी क्यों फिर हार भला

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