मोरे मन बस ग्यो रे…..
नंद गांव को छोरो…..
ना है वो तो गोरो सखि री…..
डाले मो पे डोरो…..
मोरें मन बस ग्यो रे…..
नंद गांव को छोरो।।

जाऊं थी रे मैं पनघट पे…..
नज़र रही वा की घूंघट पे…..
लाज शर्म से मर गई मैं तो…..
वा ने मुख ना मोड़ो…..
मोरें मन बस ग्यो रे…..
नंद गांव को छोरो।।

वो चुप था बोले थी अंखियां…..
चुप थी पर समझे थी सखियां…..
निशदिन छेड़े मो को सारी…..
दिल में कुछ कुछ होरो…..
मोरें मन बस ग्यो रे…..
नंद गांव को छोरो।।

मैं तो ब्याही वो है क्वारों…..
मेल हो कैसे कहो हमारो…..
ना जाने वो दुनियादारी…..
सदा दिखावे टोरो …..
मोरें मन बस ग्यो रे…..
नंद गांव को छोरो।।

मनिहारी बन डोल रहा है…..
चूड़ी ले लो बोल रहा है…..
पकड़ कलाई छोड़ ना देना…..
कहे “जालान” तोरो…..
मोरें मन बस ग्यो रे…..
नंद गांव को छोरो।।

मोरे मन बस ग्यो रे…..
नंद गांव को छोरो…..
ना है वो तो गोरो सखि री…..
डाले मो पे डोरो…..
मोरें मन बस ग्यो रे…..
नंद गांव को छोरो।।

कृष्ण भजन लिरिक्स-पी-पेज.कॉम इंग्लिश में हिंदी में भजन् लिरिक्स

more man bas gyo re…..
nand gaanv ko chhoro…..
na hai vo to goro sakhi ree…..
daale mo pe doro…..
moren man bas gyo re…..
nand gaanv ko chhoro..

jaoon thee re main panaghat pe…..
nazar rahee va kee ghoonghat pe…..
laaj sharm se mar gaee main to…..
va ne mukh na modo…..
moren man bas gyo re…..
nand gaanv ko chhoro..

vo chup tha bole thee ankhiyaan…..
chup thee par samajhe thee sakhiyaan…..
nishadin chhede mo ko saaree…..
dil mein kuchh kuchh horo…..
moren man bas gyo re…..
nand gaanv ko chhoro..

main to byaahee vo hai kvaaron…..
mel ho kaise kaho hamaaro…..
na jaane vo duniyaadaaree…..
sada dikhaave toro …..
moren man bas gyo re…..
nand gaanv ko chhoro..

manihaaree ban dol raha hai…..
choodee le lo bol raha hai…..
pakad kalaee chhod na dena…..
kahe “jaalaan” toro…..
moren man bas gyo re…..
nand gaanv ko chhoro..

more man bas gyo re…..
nand gaanv ko chhoro…..
na hai vo to goro sakhi ree…..
daale mo pe doro…..
moren man bas gyo re…..
nand gaanv ko chhoro..

मोरे मन बस ग्यो रे नंद गांव को छोरो
गायक कलाकार : उमाशंकर गर्ग
भजन लेखक : पवन जालान 9416059499
भिवानी (हरियाणा)