जरा सर को झुकाओ वासुदेव जी…..
तेरी टोकरी में त्रिलौकी नाथ है…..
चूमने दो चरण मुझे प्रेम से…..
आज यमुना की यही फरियाद है…..
जरा सर को झुकाओं वासुदेव जी।।

राम बने गंगा तट लांघे…..
मारे थे अत्याचारी…..
आज ये मुझको पार करेंगे…..
मैं हूँ इनकी आभारी…..
मेरी बूंद बूंद हरषात है…..
छाई काली घटा बरसात है…..
चूमने दो चरण मुझे प्रेम से…..
आज यमुना की यही फरियाद है…..
जरा सर को झुकाओं वासुदेव जी।।

यमुना जी का धीरज टूटा…..
उमड़ उमड़ कर आई…..
श्याम ने चरण बढ़ाएं आगे…..
यमुना जी हरषाई है…..
चरणों को लगाइ लीनो माथ है…..
प्रभु प्रेम से धरो सिर पे हाथ है…..
चूमने दो चरण मुझे प्रेम से…..
आज यमुना की यही फरियाद है…..
जरा सर को झुकाओं वासुदेव जी।।

चूम लिए प्रभु के चरणों को…..
मन ही मन में नमन किया…..
वासुदेव जी गोकुल पहुंचे…..
खुद ही रस्ता बना दिया…..
बिन्नू जग में हुई प्रभात है…..
लक्खा डरने की ना कोई बात है…..
चूमने दो चरण मुझे प्रेम से…..
आज यमुना की यही फरियाद है…..
जरा सर को झुकाओं वासुदेव जी।।

जरा सर को झुकाओ वासुदेव जी…..
तेरी टोकरी में त्रिलौकी नाथ है…..
चूमने दो चरण मुझे प्रेम से…..
आज यमुना की यही फरियाद है…..
जरा सर को झुकाओं वासुदेव जी।।

कृष्ण भजन लिरिक्स-पी-पेज.कॉम इंग्लिश में हिंदी में भजन् लिरिक्स

jara sar ko jhukao vaasudev jee…..
teree tokaree mein trilaukee naath hai…..
choomane do charan mujhe prem se…..
aaj yamuna kee yahee phariyaad hai…..
jara sar ko jhukaon vaasudev jee..

raam bane ganga tat laanghe…..
maare the atyaachaaree…..
aaj ye mujhako paar karenge…..
main hoon inakee aabhaaree…..
meree boond boond harashaat hai…..
chhaee kaalee ghata barasaat hai…..
choomane do charan mujhe prem se…..
aaj yamuna kee yahee phariyaad hai…..
jara sar ko jhukaon vaasudev jee..

yamuna jee ka dheeraj toota…..
umad umad kar aaee…..
shyaam ne charan badhaen aage…..
yamuna jee harashaee hai…..
charanon ko lagai leeno maath hai…..
prabhu prem se dharo sir pe haath hai…..
choomane do charan mujhe prem se…..
aaj yamuna kee yahee phariyaad hai…..
jara sar ko jhukaon vaasudev jee..

choom lie prabhu ke charanon ko…..
man hee man mein naman kiya…..
vaasudev jee gokul pahunche…..
khud hee rasta bana diya…..
binnoo jag mein huee prabhaat hai…..
lakkha darane kee na koee baat hai…..
choomane do charan mujhe prem se…..
aaj yamuna kee yahee phariyaad hai…..
jara sar ko jhukaon vaasudev jee..

jara sar ko jhukao vaasudev jee…..
teree tokaree mein trilaukee naath hai…..
choomane do charan mujhe prem se…..
aaj yamuna kee yahee phariyaad hai…..
jara sar ko jhukaon vaasudev jee..

LAKHBIR SINGH LAKHAJRA SAR JHUKAO VAASU DEV JISHYAM BHAJAN SANDHYA …..JAIPUR 19TH VARSHIKUTSAV
तर्ज : जरा सामने तो आओ छलिये।
स्वर : लखबीर सिंह लक्खा जी।