sawaliyan sarkar bega aao

सवालिया सरकार बेगा आओ,
थारी है दरकार बेगा आओ,
कब सु करा पुकार न बिसराओ,
सवालिया सरकार बेगा आओ,

तेरी किरपा से तेरे भजन मिल गये,
मेरे जीवन में लाखो सुमन खिल गये,
करू थारी मनुहार बाबा करके थोड़ा विचार बेगा आओ,
थारी है दरकार बेगा आओ,

तेरी पूजा समझकर झुकाई गर्दन,
अब बारी तुम्हारी मिटा दे उल्जन,
करू थारी जय जय कार बाबा करके थोड़ा विचार बेगा आओ,
थारी है दरकार बेगा आओ,

रोज कहने में मुझको तो आती है शर्म,
लाज दोनों की गिरवी पड़ी है बाबा सुन,
नंदू पर था दारम दार बाबा करके थोड़ा विचार बेगा आओ,
थारी है दरकार बेगा आओ,

Leave a Comment