ना लंबरगिनी औडी ना फरारी चाहिए
मुझको तो मेरे श्याम की बस यारी चाहिए

शाम सवेरे खाटूवाले लेता हूँ तेरा नाम
तेरी कृपा से साँवरिया अब बनते बिगङे काम
मुझको तेरी चौखट की सेवादारी चाहिए
मुझको तो मेरे श्याम की बस यारी चाहिए

रिंगस से पैदल चलकर जो खाटू जी को जाता है
खाटूवाला श्यामधणी उसको भी सेठ बनाता है
मुझको भी रहमतों में हिस्सेदारी चाहिए
मुझको तो मेरे श्याम की बस यारी चाहिए

ब्राह्मण बणिया जाट कुम्हार ना कोई फर्क तू करता है
हार के जाता जो भी दर पे उसकी झोली भरता है
बाबी को तो श्याम तेरी दातारी चाहिए
मुझको तो मेरे श्याम की बस यारी चाहिए

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