तुमसे मिलने को, मन मेरा रहता बेकरार
चैन कहि ना पाऊ, लखदातार
तुमसे मिलने……

क्यो नहीं सुनते ,बाबा मेरी पुकार
थक गई अँखियाँ , करके इंतजार
यु ना सताओ मुझको, अब ना तडपाओ मुझको
लखदातार, तुमसे मिलने………..

ना जाने कब तुमसे मिलना हो
ना जाने कब दर पे आना हो
दर पे बुलालो मुझको, रो रो के कँहु मैं तझको
मेरे सरकार, तुमसे मिलने………..

बिरह कि ये घडीया, तो खत्म करो
रूबी रिधम पे कुछ तो रहम करो
हम तेरी करे चाकरी, भजनो की भरे हाजिरी
तेरे दरबार, तुमसे मिलने…………

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