मैं हु टाबरियां तू है सांवरिया मने रखले सेवा दार,
सँवारे गाव हरले इक बार,

बड़ी दूर से मैं चल की आया पाँव में पड़ गए छाले,
तुझबीण मेरा कोई नहीं मुझे अपनी शरण लगा ले,
अखियां बरसे मेरा मन तरसे तुम्हे कहते लाख दातार,
सँवारे गाव हरले इक बार….

तेरे दवारे आन पड़ा मैं लेकर मन में आशा,
धन दौलत जागीर न मांगू मैं दर्शन का प्यासा,
मोहनी मूरत सवारी सूरत मैं जाओ बलिहार,
सँवारे गाव हरले इक बार…….

खाटू वाले श्याम धनि तू भक्तो का रखवाला,
पल भर में तकदीर भर दे तू है बड़ा दिल वाला,
दुःख देख मेरा मैं दास तेरा सुन लो आज मेरी पुकार,
सँवारे गाव हरले इक बार………

तेरी सेवा दरी करके जीवन अपना स्वारू,
सुबह श्याम दिल के आँगन को कस के खूब बुहारू,
करुणा कार्डो मुझको वर दो गया जग से सितारा हार,
सँवारे गाव हरले इक बार,

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