हमें श्याम तुमसे,बहुत प्यार है,
तेरे सिवा कुछ भी ना,दरकार है,

मोहब्बत तुम्हीं से,इबादत तुम्हीं से,
है हम प्रेमियों की,हिफाज़त तुम्हीं से,
तेरे जैसे दिलबर की,दरकार है….

तुमने अगर जो ,ठुकराया प्यारे,
बोलो जियें फिर,किसके सहारे,
तेरे ही करम से ये ,परिवार है….

“रसिक”तेरा ना, एहसान भूले,
भूले ज़माना चाहे तेरा दर ना भूले,
मुस्कान मेरी ,तेरा द्वार है….

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