esa karu gunha mukadma sanwariyan tere paas ho

ऐसा करू गुनाह मुक़दमा सांवरियां तेरे पास हो,
मैं तेरा मुज्लिम कहलाऊ चरणों में कारावास हो,

तेरे प्यार की हथकड़ियों में जकड़ तेरे दर पे आउ,
मन ही मन में ख़ुशी मनाता तिनक नहीं मैं गबराऊ,
जो तू करे फेंसला उस पर पूरा मुझे विश्वाश हो,
मैं तेरा मुज्लिम कहलाऊ चरणों में कारावास हो,

ना कोई करे वकालत मेरी न कोई सफाई हो,
कभी नहीं तेरे चरणों से मेरी श्याम रिहाई हो,
तेरे चरण में उम्र कैद की छोटी सी अरदास हो,
मैं तेरा मुज्लिम कहलाऊ चरणों में कारावास हो,

मेरे उस अपराध के सरे जग में गूंज सुनाई दे,
मैं भी अपराधी बन जाऊ हर इक प्रेम दुहाई दे,
मेरे उस अपराध में बाबा तेरे मिलन की प्यास हो,
मैं तेरा मुज्लिम कहलाऊ चरणों में कारावास हो,

इश्क़ करे जो इस दुनिया में वो मुरजिम कहलाता है,
दुनिया को दीवाना तेरा खुले आम बतलाता है,
भगतो ऐसी गवाही करना रोमी की पूरी आस हो ,
मैं तेरा मुज्लिम कहलाऊ चरणों में कारावास हो,

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